हमें नाभिकीय विज्ञान, अभियांत्रिकी, अनुसंधान एवं उसके व्यापक सामाजिक अनुप्रयोगों से संबंधित जानकारी के प्रसार के लिए समर्पित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की हिंदी वैज्ञानिक पत्रिका "परमाणु विज्ञान" के प्रथम अंक के प्रकाशन घोषणा करते हुए अपार हर्ष की अनुभूति हो रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विशेषकर हिंदी में वैज्ञानिक विषयवस्तु की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए आम नागरिकों तक पहुंच बनाना और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र , परमाणु ऊर्जा विभाग के जन-संपर्क प्रयासों को सहयोग प्रदान करना है।
यह एक द्विवार्षिक प्रकाशित हिंदी पत्रिका है। पहला अंक जुलाई से दिसंबर 2025 तक और दूसरा अंक जनवरी से जून 2026 तक का है। आगामी सभी अंकों के लिए इसी समय-सारणी का अनुपालन किया जाएगा।
मुख पृष्ठ की संकल्पना :
'परमाणु विज्ञान' पत्रिका के मुखपृष्ठ और अंतिम पृष्ठ की संकल्पना वर्ण मनोविज्ञान और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के ज्यामितीय दृश्य संतुलन का मिश्रण है। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, मुंबई के निदेशक श्री विवेक भसीन ने इस पत्रिका का नाम 'परमाणु विज्ञान' रखने और इसे कैलीग्राफिक फॉन्ट में प्रभावशाली, सुलेख और स्पष्ट पठनीय शैली में प्रस्तुत करने की परिकल्पना की । वे स्वयं, इस पत्रिका के मुख्य संरक्षक भी हैं। इस पत्रिका के फॉन्ट का रंग, हेक्सकोड 4DB2EDFF, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र ट्रॉम्बे स्थित अप्सरा-यू रिसर्च रिएक्टर में चेरेनकोव विकिरण की रोशनी की छवि से प्राप्त रंग पट्टिकाओं से उत्पन्न रंगों में से एक है। पत्रिका के प्रथम पृष्ठ से अंतिम पृष्ठ तक सजाए गए ज्यामितीय रंगीन आकार परमाणु विज्ञान और प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं विकास के विभिन्न मुख्य क्षेत्रों को इंगित करते हैं, जिनमें रिसर्च रिएक्टर साइरस (CIRUS) की गुंबदनुमा संरचना भी शामिल है। मुखपृष्ठ और अंतिम पृष्ठ में बिंदुओं का समूह शोध रिएक्टर के ईंधन बंडलों के शीर्ष क्रॉस-सेक्शनल सदृश्य हैं। इस पत्रिका के पृष्ठों के डिज़ाइन की परिकल्पना श्री मनोज सिंह, प्रभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक सूचना संसाधन प्रभाग (वै. सू. सं. प्र.) द्वारा की गई है। इसकी ग्राफिक अभिकल्पना को श्री बी. एस. चौहान, वै. सू. सं. प्र., ने आकार प्रदान किया और श्री एस. के. सिंह, वै. सू. सं. प्र. ने इसकी आर्ट प्रिंटिंग में योगदान दिया। श्री हेमंत कुमार स्वैन, डीआरएचआर द्वारा इस पत्रिका हेतु एक अनुपम दृश्य विशिष्टता की परिकल्पना की गई, जिसे वै. सू. सं. प्र. में और अधिक परिमार्जित कर मनोरम बनाया गया । श्री कुमार अभिनव, वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी ने लेखों को जन-सामान्य की सरल हिंदी भाषा में पठनीय बनाने में सक्रिय योगदान दिया है ।
श्री विवेक भसीन
निदेशक,भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
श्री जयकुमार के.
नियंत्रक,भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
डॉ. ए. के. दुरेजा
सह निदेशक, ज्ञान प्रबंधन वर्ग, एवं अध्यक्ष, मानव संसाधन विकास प्रभाग, भा. प. अ. केंद्र
श्री मनोज सिंह
अध्यक्ष, वैज्ञानिक सूचना संसाधन प्रभाग, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
श्री सैयद इरफ़ान अली
उप निदेशक (रा.भा.), हिंदी अनुभाग, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
डॉ धीरज जैन
वैज्ञानिक अधिकारी/जी, विकिरण एवं प्रकाश रसायनिकी प्रभाग, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
सदस्यगण
वैज्ञानिक अधिकारी/एच, आयुर्विज्ञान प्रभाग, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
वैज्ञानिक अधिकारी/जी, विकिरण जैविकी एवं स्वास्थ्य विज्ञान प्रभाग, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
वैज्ञानिक अधिकारी/एफ, सुदूर प्रहस्तन एवं रोबोटिक्स प्रभाग, भा. प. अ. केंद्र
वैज्ञानिक अधिकारी/एफ, खगोल भौतिकी विज्ञान प्रभाग, भा. प. अ. केंद्र
वैज्ञानिक अधिकारी/ई, लेज़र एवं प्लाज्मा प्रौद्योगिकी प्रभाग, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
वैज्ञानिक अधिकारी/ई, विकिरण संरक्षा प्रणाली प्रभाग, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
वैज्ञानिक अधिकारी/ई, पदार्थ संसाधन एवं संक्षारण अभियांत्रिकी प्रभाग, भा. प. अ. केंद्र
वैज्ञानिक अधिकारी/ई, नाभिकीय कृषि एवं जैव-प्रौद्योगिकी प्रभाग, भा. प. अ. केंद्र
तकनीकी अधिकारी/डी, वैज्ञानिक सूचना संसाधन प्रभाग, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
यह पत्रिका मुख्यतः भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र और पऊवि की संघटक इकाइयों में किए जाने वाले बहु-विषयक अनुसंधान एवं विकास में हुई प्रगति को प्रदर्शित करेगी जिसमें निम्नवत शामिल हैं, किंतु इन्हीं तक सीमित नहीं है ।
विविध पाठकों की पढ़ने की बदलती आदतों को ध्यान में रखते हुए, लेखकों से आकर्षक एवं सुबोध लेखन शैली अपनाने की अपेक्षा की जाती है। वैज्ञानिक एवं तकनीकी अवधारणाओं को स्पष्ट करने के लिए गहन पाठ्य व्याख्याओं पर न्यूनतम निर्भरता के साथ छायाचित्रों एवं रेखाचित्रों के उपयोग की अत्यधिक अनुशंसा की जाती है।
संपादकीय समीक्षा एवं प्रकाशन : लेख प्रकाशन/संपादन समिति की अनुशंसा के आधार पर प्रकाशित किए जाएंगे। प्रकाशन/संपादन समिति का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा।
मौलिकता प्रमाणन प्रपत्र,कॉपीराइट एवं लेखक घोषणा प्रपत्र
(“परमाणु विज्ञान” पत्रिका लेख प्रस्तुति और प्रकाशन के लिए)